राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल समेत 7 AAP सांसदों ने भाजपा का दामन थामा। राज्यसभा में AAP की ताकत 10 से घटकर 3 रह गई, जिससे दिल्ली-पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है।