नासिक का 'ढोंगी बाबा' अशोक खरात गिरफ्तार: 2500 कोडेड कॉन्टैक्ट्स और खौफनाक राज

नासिक का 'ढोंगी बाबा' अशोक खरात गिरफ्तार: 2500 कोडेड कॉन्टैक्ट्स और खौफनाक राज अप्रैल, 11 2026

नासिक के एक तथाकथित धर्मगुरु अशोक खरात ने आस्था और विश्वास की आड़ में जिस तरह महिलाओं का शोषण किया, वह किसी डरावने सपने से कम नहीं है। खुद को रिटायर्ड नेवी कैप्टन, ब्रह्मांड विज्ञान विशेषज्ञ और अंकशास्त्री बताने वाले खरात को महाराष्ट्र पुलिस ने रेप और यौन शोषण के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। मामला तब और पेचीदा हो गया जब पुलिस को उसके फोन से 2500 से ज्यादा ऐसे कॉन्टैक्ट नंबर मिले, जिन्हें कोड नामों से सेव किया गया था, ताकि असली पहचान छिपाई जा सके।

हैरानी की बात यह है कि खरात सिर्फ धर्म का चोला ही नहीं पहनता था, बल्कि वह मनोवैज्ञानिक दबाव और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल कर महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह पीड़ितों को नमक और कड़वे पानी में नशीले पदार्थ मिलाकर पिलाता था। एक पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह पानी पीते ही चक्कर खाकर गिर गई और विरोध करने की स्थिति में नहीं रही, जिसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

षड्यंत्र का डिजिटल जाल और 58 चौंकाने वाले वीडियो

इस पूरे खेल का केंद्र खरात का मोबाइल फोन है। विशेष जांच दल (SIT) ने जब फोन का फॉरेंसिक क्लोन तैयार किया, तो उसके होश उड़ गए। फोन में करीब 58 ऐसे वीडियो मिले हैं जिनमें बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस का मानना है कि ये 2500 कोडेड नंबर किसी बड़े नेटवर्क या साजिश का हिस्सा हैं, जिसमें खरात के कई मददगार शामिल हो सकते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक जिला न्यायालय ने आरोपी की पुलिस कस्टडी 1 अप्रैल तक बढ़ा दी है। अदालत का मानना है कि इन गुप्त कोड्स को डिकोड करने और मददगारों की पहचान करने के लिए खरात से आमने-सामने पूछताछ करना जरूरी है। इसके अलावा, व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोप में राहुल गंगाधर शिंदे और योगेश पांद्रिनाथ आढाव सहित छह लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

मंदिर, आलीशान फार्महाउस और सत्ता का कनेक्शन

यह मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक और प्रशासनिक अनदेखी की बू भी आ रही है। नासिक के सिन्नर तालुका के मिरगांव इलाके में एक मंदिर है, जिसकी स्थापना 2010 में हुई थी। खरात इस मंदिर के ट्रस्ट से गहराई से जुड़ा था और इसी के बगल में उसका एक आलीशान फार्महाउस भी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फार्महाउस पर अक्सर बड़े राजनेताओं, मशहूर हस्तियों और वीआईपी लोगों का आना-जाना लगा रहता था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने इस मंदिर के विकास के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय सहायता मंजूर की थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब खरात इतने बड़े स्तर पर अपराध कर रहा था, तब प्रशासन और सत्तासीन लोग क्या कर रहे थे?

शिकायतों का सैलाब: 10 FIR और करोड़ों की ठगी

अशोक खरात के खिलाफ अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 8 मामले सीधे तौर पर महिलाओं के यौन शोषण से जुड़े हैं, जबकि 2 मामले जबरन वसूली और धोखाधड़ी के हैं। इनमें सबसे वीभत्स मामला एक सात महीने की गर्भवती महिला के साथ बलात्कार और उसके बाद जबरन गर्भपात कराने का है।

SIT की कमान संभाल रही तेजस्वी सपूतै (कमांडेंट, SRPF पुणे) के नेतृत्व में अब तक 30 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किया था, जिस पर अब तक 150 से ज्यादा कॉल आ चुके हैं। इसका मतलब है कि पीड़ितों की संख्या मौजूदा आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकती है। इतना ही नहीं, खरात पर 6 करोड़ रुपये की ठगी का एक नया मामला भी दर्ज हुआ है, जहां उसने व्यापार में सफलता का झांसा देकर लोगों को लूटा।

जांच में नया मोड़: पत्नी का रहस्यमय ढंग से गायब होना

जैसे ही खरात की गिरफ्तारी हुई, कहानी में एक नया और रहस्यमय मोड़ आ गया। 1 अप्रैल 2026 की खबरों के मुताबिक, खरात की पत्नी अचानक गायब हो गई है। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या उसका गायब होना इस आपराधिक मामले से जुड़ा है या वह अपने पति के नेटवर्क के किसी राज को छुपाने की कोशिश कर रही है।

अगले कदम और कानूनी कार्रवाई

वर्तमान में पुलिस का पूरा ध्यान डिजिटल सबूतों को डिकोड करने पर है। स्टेट फॉरेंसिक लेबोरेटरी की मदद से डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि इस मामले से जुड़ी किसी भी संवेदनशील सामग्री, फोटो या वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करना कानूनी अपराध होगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

SIT अब जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। जैसे-जैसे कोडेड कॉन्टैक्ट्स खुलेंगे, उम्मीद है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य सफेदपोश चेहरों का भी पर्दाफाश होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अशोक खरात ने महिलाओं को अपनी चपेट में कैसे लिया?

खरात खुद को नेवी कैप्टन और अंकशास्त्री बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। वह पीड़ितों को नमक और कड़वे पानी में नशीले पदार्थ मिलाकर पिलाता था, जिससे वे बेहोश या अर्ध-बेहोश हो जाते थे। साथ ही, वह अंधेरे कमरे में 'दैवीय शक्तियों' का डर दिखाकर उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से दबाता था।

इस मामले में डिजिटल सबूतों की क्या भूमिका है?

पुलिस को उसके फोन से 2500 से ज्यादा कोडेड नंबर और 58 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। ये कोडेड नंबर इस बात का संकेत हैं कि खरात एक व्यवस्थित नेटवर्क चला रहा था। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स अब इन कोड्स को डिकोड कर रहे हैं ताकि अन्य सहयोगियों और पीड़ितों की पहचान की जा सके।

खरात के खिलाफ कुल कितने मामले दर्ज हैं?

अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें 8 मामले यौन शोषण और बलात्कार के हैं, 2 जबरन वसूली के हैं, और एक अलग मामला 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है। हेल्पलाइन पर 150 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं।

सरकारी फंडिंग और राजनीतिक कनेक्शन का क्या विवाद है?

विवाद इस बात का है कि खरात जिस मंदिर के ट्रस्ट से जुड़ा था, उसे 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक की मदद दी थी। साथ ही, उसके फार्महाउस पर कई वीआईपी और नेताओं का आना-जाना था, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।