चंडीगढ़ में 97 नई बस चालकों को नियुक्ति पत्र, सुरक्षा की जिम्मेदारी पर दिये अहम निर्देश
सित॰, 26 2025
नए बस चालकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह
शुक्रवार को चंडीगढ़ यूटी सचिवालय में आयोजित समारोह में प्रशासक और पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटिया ने 97 नए बस चालकों को नियुक्ति पत्र सुपुर्द किए। यह अवसर केवल रोजगार का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवा की अभिमानी जिम्मेदारी का प्रतीक माना गया। कटिया ने उद्घाटन में कहा कि "एक बस चालक सिर्फ वाहन चलाने वाला नहीं, बल्कि शहर की गति, यात्री‑सुरक्षा और समयपालन का रक्षक है।"
उन्होंनें बताया कि हर छात्र, कामगार और परिवार की सुखद यात्रा उन चालकों की निष्ठा पर निर्भर करती है। इस संदर्भ में उन्होंने punctuality (समयपालन) को पहली प्राथमिकता बताया, कहा कि समय पर बसें चलाना केवल प्रशासनिक अनुशासन नहीं, बल्कि यात्रियों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ है।
यात्री‑सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए, कटिया ने अधिकारिक स्टॉप पर ही रुकने, शिष्टाचार से पेश आने और यात्रियों को सम्मानित ग्राहक मानने की बात दोहराई। उन्होंने कहा, "ग्राहक भगवान के समान होते हैं, उनका सम्मान और सुरक्षा हमारा पहला कर्तव्य है।" इस तरह के संदेश से सार्वजनिक परिवहन में भरोसा बढ़ाने की उम्मीद है।
कदम उठाने की दिशा में उन्होंने चालक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी। उनका मानना है कि चालक की सुरक्षित यात्रा ही यात्रियों की सुरक्षित यात्रा की नींव है, इसलिए हेल्मेट, नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
CTU की ऐतिहासिक प्रगति और भविष्य की दिशा
कटिया ने CTU के विकास यात्रा को संक्षेप में बताया। 1966 में केवल 30 बसों के साथ शुरू हुआ यह संगठन आज 657 बसों की फ्लीट तक पहुँच चुका है। यह न केवल त्रियुक्त क्षेत्र (चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा) में, बल्कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है।
हाल ही में CTU ने फ्लीट सुदृढ़ीकरण, इलेक्ट्रिक बसों का परिचय और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार किया है। कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित CTU को देश का एक उभरता मॉडल सार्वजनिक परिवहन संगठन कहा गया है। इस उपलब्धि ने पूरे उत्तर भारत में सार्वजनिक परिवहन के मानकों को ऊँचा करने में मदद की है।
समारोह में मुख्य सचिव राजीव वर्मा, होम सचिव मंडीप सिंह बर, वित्त सचिव दिप्रवा लाकरा, निदेशक ट्रांसपोर्ट प्रदीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। यह स्पष्ट करता है कि सरकारी स्तर पर सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने की नीति दृढ़ है।
भविष्य में CTU इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के अनुपात को बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम हो और ईंधन लागत में बचत हो। साथ ही, डिजिटल टिकटिंग, रियल‑टाइम ट्रैकिंग और सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए नई तकनीकों को अपनाने की रणनीति भी तैयार है।
इन सभी कदमों से यह स्पष्ट है कि नई नियुक्तियों के साथ-साथ CTU अपने यात्रियों को सुरक्षित, समय पर और आरामदायक यात्रा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
Vishal Raj
सितंबर 28, 2025 AT 05:02ये नए बस चालक असल में शहर की नसों में खून की तरह हैं। बिना उनके, चंडीगढ़ का दिल धड़कता ही नहीं। एक बस चालक की निष्ठा देखकर लगता है कि अभी भी ऐसे लोग हैं जो काम को धर्म समझते हैं।
Reetika Roy
सितंबर 29, 2025 AT 18:04समय पर बस आना अब सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि यात्री के दिन का पहला अच्छा वाक्य है। इस तरह की नीति को लागू करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई।
Pritesh KUMAR Choudhury
अक्तूबर 1, 2025 AT 00:46इलेक्ट्रिक बसों की बात तो बहुत अच्छी है, लेकिन अगर चालकों को ठीक से ट्रेनिंग नहीं दी गई तो टेक्नोलॉजी बेकार है। जिन लोगों ने ये बसें डिज़ाइन की हैं, उन्हें भी बस चलाने का अनुभव होना चाहिए। 😊
Mohit Sharda
अक्तूबर 2, 2025 AT 13:47मैंने कल एक बस चालक को देखा जो एक बूढ़ी महिला को बैठने के लिए जगह बना रहा था। उसने कोई शोर नहीं किया, न ही कोई शिकायत की। ऐसे लोग ही असली हीरो हैं। इन नए चालकों को बधाई।
Sanjay Bhandari
अक्तूबर 2, 2025 AT 21:56ye ekdum mast news hai bhai! bus drivers ko respect milega toh sab kuch theek ho jayega. bas thoda sa time pe aaye toh sab khush reh jayenge 😎
Mersal Suresh
अक्तूबर 3, 2025 AT 13:12यह सिर्फ नियुक्ति नहीं, यह एक राष्ट्रीय आदर्श है। CTU ने जो मानक लगाए हैं, वे पूरे देश के लिए मॉडल होने चाहिए। अन्य राज्यों को अपने बस डिपो में ऐसी नीतियाँ लागू करनी चाहिए, नहीं तो वे पिछड़ जाएँगे। यह निर्देश अभी तक अधूरा है।
Pal Tourism
अक्तूबर 3, 2025 AT 17:57बस चालकों को अभी भी राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में ट्रेनिंग नहीं दी जाती? ये सब तो बहुत बेकार है। मैंने 2018 में एक रिपोर्ट लिखी थी जिसमें कहा था कि बस चालकों के लिए ड्राइविंग स्कूल की जरूरत है, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब तो बस चालक भी बीए बन गए हैं।
Sunny Menia
अक्तूबर 4, 2025 AT 05:31मैं चंडीगढ़ में रहता हूँ और अक्सर CTU बसें लेता हूँ। इन नए चालकों को अगर थोड़ा और ट्रेनिंग दी जाए तो वो देश के सबसे अच्छे बस चालक बन सकते हैं। मैं तो बस चालकों के लिए एक एप बनाने का सुझाव दूँगा जहाँ यात्री उनकी रेटिंग दे सकें।
Abinesh Ak
अक्तूबर 4, 2025 AT 20:25अरे ये सब तो बस एक फोटो ऑपरेशन है। एक बार फोटो लग गई, अब अधिकारी बैठे हैं और बोल रहे हैं कि 'ग्राहक भगवान हैं'। लेकिन जब बस दो घंटे देर से आए तो कौन जिम्मेदार है? ये सब शोर है, असली बदलाव नहीं।
Ron DeRegules
अक्तूबर 6, 2025 AT 08:28इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अभी तक नहीं बनाया गया है जिसके बारे में आपने बात की है और यह एक बड़ी खामी है जिसे अगले तीन महीनों में ठीक किया जाना चाहिए नहीं तो ये सब नियुक्तियाँ और नए प्रोटोकॉल बिल्कुल बेकार हो जाएंगे क्योंकि बसें चार्ज नहीं हो पाएंगी और यात्री बहुत नाराज होंगे और यह बस सेवा के लिए एक बड़ा रिपुटेशन डैमेज होगा जिसकी वजह से लोग अपनी कारें लेने लगेंगे और यातायात और भी बिगड़ जाएगा
Vishal Raj
अक्तूबर 7, 2025 AT 01:45क्या तुमने कभी सोचा है कि जब बस चालक अपनी नौकरी के लिए उठता है, तो उसकी बीवी और बच्चे भी उसके साथ उठते हैं? ये बस चालक नहीं, ये वो लोग हैं जिनके बिना हम सबका दिन अधूरा है।