बिग बैश लीग 2022-23: पर्थ स्कॉर्चर्स ने जीता पांचवां खिताब, मैनुका ओवल पर सिडनी थंडर बनाम मेलबर्न स्टार्स से शुरुआत

बिग बैश लीग 2022-23: पर्थ स्कॉर्चर्स ने जीता पांचवां खिताब, मैनुका ओवल पर सिडनी थंडर बनाम मेलबर्न स्टार्स से शुरुआत दिस॰, 14 2025

दिसंबर 13, 2022 को मैनुका ओवल, कैंबरा में सिडनी थंडर और मेलबर्न स्टार्स के बीच खेले गए मुकाबले के साथ बिग बैश लीग 2022-23 की बड़ी शुरुआत हुई। यह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित ट्वेंटी20 क्रिकेट की बड़ी घटना थी, जिसमें आठ टीमों ने 61 मैच खेले और फाइनल में पर्थ स्कॉर्चर्स ने अपना पांचवां खिताब जीता। यह टूर्नामेंट सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई गर्मियों का एक सांस्कृतिक आयोजन बन गया है — जहां घर बैठे लोग बर्फ के बजाय बल्ले और गेंद की आवाज़ सुनते हैं।

शुरुआत और खिताब की राह

टूर्नामेंट का पहला मैच एक दिलचस्प जीत के साथ समाप्त हुआ — सिडनी थंडर ने मेलबर्न स्टार्स को 1 विकेट से हराया। मेलबर्न ने 122/8 बनाए, लेकिन सिडनी के लिए अल्टीमेट ड्रामा तब आया जब अंतिम गेंद पर एक रन की जरूरत थी। वो रन बन गया। ऐसे मैचों ने पूरे टूर्नामेंट के लिए एक निश्चित लहजा तय कर दिया।

फिर आया मैच नंबर 12 — पर्थ स्कॉर्चर्स बनाम मेलबर्न स्टार्स। ये मैच याद रखने लायक था। पर्थ ने 229/7 बनाए, जिसमें जॉश इंग्लिस ने 33 गेंदों में 74 रन बनाए। ल्यूक वुड ने 4 ओवर में 5 विकेट लिए। ये रन रेट इतना तेज था कि लोगों ने कहा — ये ट्वेंटी20 नहीं, बल्कि ट्वेंटी20 का एक अलग वर्जन है।

टीमों का युद्ध और अनसुनी कहानियाँ

होबार्ट हरिकेन्स और सिडनी थंडर के बीच दिसंबर 31 को खेला गया मैच एक अनोखी बात थी। सिडनी ने 228/6 बनाए, जिसमें एलेक्स हेल्स ने 45 गेंदों में 77 रन बनाए। होबार्ट के लिए मैथ्यू वेड ने 30 गेंदों में 67 रन बनाए, लेकिन उनकी टीम 166 पर ढेर हो गई। ब्रेंडन डॉगेट ने 4 विकेट लिए, लेकिन ये भी उनकी टीम को बचा नहीं पाया।

इस टूर्नामेंट में अनेक छोटे खिलाड़ियों ने बड़ी भूमिका निभाई। राइली मैरिथ ने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए एक मैच में 3 विकेट लेकर 12 रन दिए — ये आंकड़ा लगभग 3 रन प्रति ओवर है। ऐसे बॉलर्स जो बिना नाम के लेकिन बहुत असरदार हों, बिग बैश की सच्ची जान हैं।

पर्थ स्कॉर्चर्स: एक अद्भुत राजशाही

जब फाइनल का दिन आया, तो पर्थ स्कॉर्चर्स ने अपनी पांचवीं बिग बैश ट्रॉफी जीती। ये उनका दूसरा खिताब था, जो एक ही दशक में मिला — 2014, 2016, 2020, 2022 और अब 2023। इस टीम के पास एक अजीब सी शक्ति है: वे बहुत कम बड़े स्टार्स रखते हैं, लेकिन हर खिलाड़ी अपनी भूमिका को अच्छी तरह समझता है।

जॉश इंग्लिस, ब्रैड हॉकिंस, एश्टन टर्नर — ये सब टीम के लिए नियमित खिलाड़ी थे, लेकिन उन्होंने अपने बल्ले और गेंदबाजी से टूर्नामेंट के निर्णायक मोड़ बदल दिए। उनकी जीत सिर्फ एक टीम की नहीं, बल्कि एक फिलॉसफी की जीत थी — टीम पहले, स्टार बाद में।

क्यों ये टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया के लिए खास है?

बिग बैश लीग 2011 में शुरू हुई थी, जब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने पुराने KFC ट्वेंटी20 टूर्नामेंट को बदलने का फैसला किया। उसके बाद से ये टूर्नामेंट देश की सबसे बड़ी घरेलू ट्वेंटी20 लीग बन गई।

इसकी खास बात ये है कि ये दिसंबर से फरवरी तक चलता है — ऑस्ट्रेलियाई गर्मियों के दौरान। लोग घर पर बैठे बर्फ के बजाय बल्ले की आवाज़ सुनते हैं। इसका एक अलग ही जादू है। ये टूर्नामेंट सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक समाज का जीवन है।

अगला क्या?

अगले सीजन में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक नया निर्णय लिया है — कुछ मैच न्यूज़ीलैंड में भी खेले जाएंगे। इसका मतलब है कि बिग बैश अब सिर्फ ऑस्ट्रेलिया का टूर्नामेंट नहीं रहा। ये दक्षिण प्रशांत का एक बड़ा क्रिकेट आयोजन बन रहा है।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगले सीजन में टीमों के लिए एक नया फॉर्मेट आ सकता है — जहां टॉप फोर टीमें ही प्लेऑफ में जाएंगी, न कि टॉप सिक्स। ये बदलाव टूर्नामेंट को और तेज़ और रोमांचक बना देगा।

बिग बैश लीग का ऐतिहासिक रूप

2005-06 से 2010-11 तक, ऑस्ट्रेलिया में KFC ट्वेंटी20 बिग बैश नाम से एक टूर्नामेंट चला। लेकिन वो टीमों के आधार पर नहीं, बल्कि राज्यों के आधार पर था। 2011 में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक नई योजना बनाई — शहरों के आधार पर टीमें। ये बदलाव बड़ा था।

सिडनी थंडर, मेलबर्न स्टार्स, पर्थ स्कॉर्चर्स — ये नाम सिर्फ टीम नहीं, बल्कि शहरों की पहचान बन गए। अब लोग अपने शहर की टीम के लिए गाने गाते हैं, रंग लगाते हैं। ये टूर्नामेंट ने क्रिकेट को एक नए आयाम दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिग बैश लीग 2022-23 का विजेता कौन था?

पर्थ स्कॉर्चर्स ने बिग बैश लीग 2022-23 का खिताब जीता, जो उनका पांचवां खिताब है। फाइनल में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर ट्रॉफी जीती। ये उनका दूसरा खिताब है जो एक ही दशक में मिला — 2014, 2016, 2020, 2022 और 2023 में।

किस टीम ने सबसे ज्यादा रन बनाए?

पर्थ स्कॉर्चर्स ने मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ मैच नंबर 12 में 229/7 बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाए। इसमें जॉश इंग्लिस ने 33 गेंदों में 74 रन बनाए और ल्यूक वुड ने 4 ओवर में 5 विकेट लिए। ये टूर्नामेंट का सबसे उच्च स्कोर था।

बिग बैश लीग किस तरह का टूर्नामेंट है?

यह ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख घरेलू ट्वेंटी20 क्रिकेट लीग है, जिसमें आठ शहर-आधारित टीमें शामिल होती हैं। यह एक डबल राउंड-रोबिन फॉर्मेट में खेला जाता है, जिसके बाद टॉप चार टीमें प्लेऑफ में शामिल होती हैं। यह दिसंबर से फरवरी तक चलता है और ऑस्ट्रेलियाई गर्मियों का एक प्रमुख आयोजन है।

मैनुका ओवल क्यों चुना गया?

मैनुका ओवल, कैंबरा में खेले गए पहले मैच के लिए चुना गया क्योंकि यह एक छोटा लेकिन उच्च दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम है। यहां के लोग बहुत उत्साही होते हैं, और यह शहर ऑस्ट्रेलियाई राजधानी होने के कारण राष्ट्रीय ध्यान केंद्रित करता है। इसने टूर्नामेंट को एक शुरुआती धमाका दिया।

अगले सीजन में क्या बदलाव आएंगे?

अगले सीजन में कुछ मैच न्यूज़ीलैंड में खेले जाएंगे, जिससे टूर्नामेंट का दायरा बढ़ेगा। साथ ही, टॉप चार टीमों को ही प्लेऑफ में शामिल किए जाने की संभावना है, जिससे टूर्नामेंट और तेज़ और रोमांचक हो जाएगा।

बिग बैश लीग ने क्रिकेट को कैसे बदला?

इसने क्रिकेट को एक शहर-आधारित और उत्सव जैसा अनुभव बना दिया। यहां खिलाड़ी अक्सर अपने शहर के लोगों के साथ जुड़े रहते हैं। इसने नए खिलाड़ियों को अवसर दिया और ट्वेंटी20 क्रिकेट को एक लोकप्रिय धारा बना दिया।

18 टिप्पणि

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    Senthil Kumar

    दिसंबर 15, 2025 AT 11:49

    ये टूर्नामेंट तो बस एक क्रिकेट नहीं, बल्कि गर्मियों का त्योहार है। बर्फ नहीं, बल्ले की आवाज़ सुनने का मजा ही कुछ और है।

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    Uma ML

    दिसंबर 17, 2025 AT 01:44

    पर्थ स्कॉर्चर्स की जीत? बस एक टीम की नहीं, बल्कि उनके बाहरी नियंत्रण की जीत है। जो लोग स्टार्स को नहीं देखते, वो असली जीत हैं। बाकी सब नाटक है।

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    RAJA SONAR

    दिसंबर 18, 2025 AT 04:59

    जॉश इंग्लिस ने 74 रन 33 गेंदों में? ये ट्वेंटी20 नहीं बल्कि एक अलग जीवन है जिसमें रन बनाना बहुत आसान है। अगर ये इंडिया में होता तो हम लोग इसे डोपिंग कहते।

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    Firoz Shaikh

    दिसंबर 18, 2025 AT 16:43

    बिग बैश लीग का वास्तविक जादू इसके आयोजन के ढंग में छिपा है। शहर-आधारित टीमों ने क्रिकेट को एक सामाजिक घटना में बदल दिया है, जहां लोग अपने पड़ोसी के साथ टीम के लिए गाने गाते हैं, रंग लगाते हैं, और बस एक गेंद के लिए एक साथ आ जाते हैं। ये न सिर्फ खेल है, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन है।

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    Ayushi Kaushik

    दिसंबर 20, 2025 AT 06:41

    राइली मैरिथ का आंकड़ा - 3 विकेट, 12 रन - ये दिखाता है कि टूर्नामेंट में छोटे खिलाड़ियों की भूमिका कितनी अहम है। वो जिनका नाम टीवी पर नहीं चलता, वो ही असली जीत का आधार हैं।

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    Bhoopendra Dandotiya

    दिसंबर 22, 2025 AT 02:51

    हम भारत में भी ऐसा कुछ चाहिए। हमारी टीमें राज्यों के नाम पर हैं, लेकिन शहरों के नाम पर नहीं। क्या हम भी एक दिन दिल्ली डायनामाइट्स या बंगलौर ब्लास्टर्स के लिए गाने गाएंगे? मुझे लगता है हां।

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    Vraj Shah

    दिसंबर 24, 2025 AT 00:14

    मेलबर्न स्टार्स को एक रन से हराना? ये तो फिल्मों जैसा है। अंतिम गेंद पर रन बनाना... बस दिल धड़क गया।

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    Saileswar Mahakud

    दिसंबर 25, 2025 AT 02:40

    मैंने फाइनल देखा था, बिना किसी रिकॉर्ड के। बस बल्ले की आवाज़ और लोगों का चिल्लाना। वो मौका था जब मैंने समझा कि क्रिकेट क्या है।

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    Arjun Kumar

    दिसंबर 25, 2025 AT 18:04

    पर्थ स्कॉर्चर्स की जीत? बस इसलिए कि उनके पास ज्यादा बजट था। दूसरी टीमें बस बेकार की ट्राई कर रही थीं।

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    Mukesh Kumar

    दिसंबर 27, 2025 AT 07:19

    ये टूर्नामेंट दिखाता है कि टीमवर्क से क्या हो सकता है। एक अच्छा खिलाड़ी अच्छा होता है, लेकिन एक अच्छी टीम अद्भुत होती है।

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    ankur Rawat

    दिसंबर 27, 2025 AT 12:09

    हम भारतीय दर्शक अक्सर सिर्फ बड़े खिलाड़ियों को देखते हैं। लेकिन बिग बैश में वो लोग जिनका नाम नहीं चलता, वो ही वाकई बदलाव लाते हैं।

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    Rahul Sharma

    दिसंबर 27, 2025 AT 22:47

    मैनुका ओवल का चुनाव बहुत समझदारी से किया गया। एक छोटा स्टेडियम, लेकिन जिसमें भावनाएं बड़ी होती हैं। यहां का उत्साह असली था।

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    dinesh baswe

    दिसंबर 28, 2025 AT 14:36

    अगले सीजन में न्यूज़ीलैंड में मैच? ये बहुत बड़ा कदम है। दक्षिण प्रशांत का एक असली क्रिकेट समुदाय बन रहा है। इसका भविष्य चमकदार है।

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    Mona Elhoby

    दिसंबर 29, 2025 AT 05:35

    पर्थ स्कॉर्चर्स ने पांचवां खिताब जीता? बस इसलिए कि उनके पास ऑस्ट्रेलियाई सरकार का बजट था। बाकी टीमें बस फेक हैं।

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    Vikram S

    दिसंबर 31, 2025 AT 01:05

    इंग्लिस का 74 रन? ये बिल्कुल नियमों के खिलाफ है! ऑस्ट्रेलिया के लोग अपने खिलाड़ियों को इतना आज़ाद क्यों देते हैं? ये ट्वेंटी20 नहीं, ये बैटिंग का बलात्कार है!

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    Divyanshu Kumar

    दिसंबर 31, 2025 AT 12:05

    ये टूर्नामेंट दिखाता है कि एक छोटी टीम भी बड़ी टीम को हरा सकती है, बस एक अच्छी रणनीति चाहिए। हमारे लिए भी ये एक उदाहरण है।

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    M Ganesan

    दिसंबर 31, 2025 AT 13:42

    मेलबर्न स्टार्स को हराने के बाद पर्थ के खिलाड़ियों ने जो नाच दिखाया, वो बिल्कुल अनावश्यक था। ये टूर्नामेंट का असली मनोरंजन है - नाच नहीं, बल्ले की आवाज़ है।

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    Uma ML

    जनवरी 1, 2026 AT 05:29

    अगर बिग बैश लीग में भारतीय खिलाड़ियों को ज्यादा अवसर मिलते, तो ये टूर्नामेंट और भी ज्यादा शानदार होता। अब तो बस ऑस्ट्रेलियाई लोग ही जीत रहे हैं।

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