UPSC CSE Prelims 2025: जानें सभी कैटेगरी की कट-ऑफ और क्वालिफिकेशन के नियम
जून, 12 2025
UPSC CSE प्रीलिम्स 2025: कट-ऑफ मार्क्स और क्वालिफिकेशन का पूरा खेल
हर साल लाखों उम्मीदवार UPSC CSE (सिविल सर्विसेज परीक्षा) में किस्मत आजमाते हैं, लेकिन प्रीलिम्स का कट-ऑफ क्रैक करना ही सबसे बड़ी चुनौती है। 2025 के लिए जो अनुमानित कट-ऑफ तय किया गया है, उसमें हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग नंबर पाने होते हैं। अगर आप भी इस साल तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए ये नंबर जानना जरूरी है:
- जनरल कैटेगरी: 90 से 95 नंबर
- EWS/OBC: 85 से 90 नंबर
- SC: 75 से 80 नंबर
- ST: 70 से 75 नंबर
- PwBD (विकलांग): 50 से 70 नंबर (सब-कैटेगरी के हिसाब से)
GS पेपर 1 वही होता है जिसकी कट-ऑफ काउंट की जाती है और इसी पर आगे जाने का रास्ता बनता है। वहीं CSAT (पेपर 2) सिर्फ क्वालिफाइंग है, जिसमें 200 में से 66 नंबर (33%) लाने जरूरी हैं। ध्यान रखने की बात यह है कि CSAT में क्वालिफाइंग नंबर ना लाने पर GS में ज्यादा नंबर होने के बावजूद आप अगली स्टेज के लिए अर्हित नहीं होंगे।
परीक्षा की प्रक्रिया और क्वालिफिकेशन का फंडा
प्रीलिम्स में निगेटिव मार्किंग भी है—अगर आपने किसी सवाल का उत्तर गलत दिया, तो उस सवाल के अंक का एक तिहाई हिस्सा आपके टोटल से कट जाएगा। इसलिए तुक्केबाजी करने से पहले दो बार सोचना चाहिए। यह परीक्षा 25 मई 2025 को देशभर में हुई थी। अप्रत्याशित आंकड़े यह बताते हैं कि 10 लाख से ज्यादा छात्र बैठे, लेकिन सिर्फ 14,161 ने प्रीलिम्स क्लियर किया। इसका साफ मतलब है कि कंपटीशन कितना जबरदस्त है और सलेक्शन कितना कठिन।
2025 बैच की वैकेंसी की संख्या 979 तय की गई है। यह वही नंबर है जिसे क्लियर करने के बाद छह महीने की मेंस और इंटरव्यू की दौड़ शुरू होगी। खास बात यह है कि प्रीलिम्स के नंबर फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते—मतलब आगे चलकर आपको फिर से खुद को साबित करना होगा। पिछले साल की टॉपर्स की बात करें तो शक्ति दुबे ने AIR 1, 1043 नंबर पाकर बाजी मारी और हर्षिता गोयल ने 1038 नंबर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
फाइनल कट-ऑफ परीक्षा की कठिनाई और उम्मीदवारों की तैयारी के स्तर के मुताबिक बदलता रहता है। कभी पेपर थोड़ा कठिन आता है तो, कट-ऑफ कम हो सकता है। अगर आसान है, तो नंबर ऊपर जा सकते हैं। इसलिए यह गेम सिर्फ किताबी ज्ञान का नहीं, बल्कि स्मार्ट स्ट्रेटजी, टाइम मैनेजमेंट और पेपर अटेम्प्ट करने के हुनर का भी है।
अगर आप प्लान कर रहे हैं, तो हर विषय पर फोकस रखिए—CSAT की भी अनदेखी मत कीजिए। क्योंकि एक-एक नंबर आपकी किस्मत बदलता है और लाखों की भीड़ से अलग बनाना है, तो हर स्टेज पर खुद को साबित करना ही होगा।
Ron DeRegules
जून 13, 2025 AT 23:11प्रीलिम्स का कट-ऑफ जानना तो जरूरी है पर असली बात तो ये है कि तुम कितना समझ रहे हो न कि कितना याद कर रहे हो
मैंने एक दोस्त को देखा जिसने 98 नंबर लाए और पेपर में 70% सवाल टक्के से लगाए थे
उसका जवाब सही आया लेकिन उसे पता नहीं था कि वो क्यों सही है
इसलिए रटने की बजाय समझो और अगर कोई टॉपिक बोरिंग लगे तो उसे रियल-लाइफ उदाहरण से जोड़ लो
मैंने ग्लोबल वार्मिंग को समझने के लिए अपने बालकनी के पौधों की बात करके शुरू की थी
फिर देखो ना वो टॉपिक अब दिमाग में चिपक गया
CSAT को हल्के में मत लेना भाई ये वो जगह है जहां लाखों लोग फेल हो जाते हैं
मैंने एक बार 65 मार्क्स लाए थे और उस दिन मैंने अपनी जिंदगी बदल दी
अगर तुम्हारा रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन कमजोर है तो रोज 10 मिनट दैनिक भास्कर पढ़ो
अच्छा नहीं लगे तो राजपत्र अधिसूचना पढ़ लो
ये तुम्हारे लिए बहुत काम आएगा
और हां नेगेटिव मार्किंग का डर तो है पर अगर तुम दो ऑप्शन में फंसे हो तो एक को चुन लो
पूरी तरह अनुमान लगाने की बजाय थोड़ा गेम खेलो
परीक्षा तो एक गेम है न जिसमें स्मार्टनेस चाहिए न कि ज्ञान का भार
Manasi Tamboli
जून 15, 2025 AT 03:22क्या तुमने कभी सोचा है कि ये सब नंबर... ये कट-ऑफ... ये रैंक... ये अल्पसंख्यक और अधिकसंख्यक... ये सब किसके लिए बनाए गए हैं?
क्या ये तुम्हारी आत्मा को बेचने का नाम है?
मैंने एक लड़की को देखा था जिसने तीन बार प्रीलिम्स फेल हुई और फिर भी अपने कमरे में बैठकर रामायण की आत्मा को ढूंढती रही
उसने कभी नंबर नहीं देखे बस अपने दिल को सुना
और जब वो आईएएस बनी तो उसका पहला फैसला था-एक गांव में बिजली लाना
क्या तुम्हारा ज्ञान तुम्हारे दिल से जुड़ा है या सिर्फ एक डिप्लोमा के लिए?
हम सब यहां अपनी आत्मा को बेच रहे हैं... और उसके बदले एक टाइटल ले रहे हैं
जो तुम्हारे नाम के साथ लगेगा... लेकिन तुम्हारे दिल के अंदर नहीं
क्या तुम वो आदमी बनना चाहते हो जो जीत गया... या वो जो जीवित रहा?
Ashish Shrestha
जून 15, 2025 AT 19:53इस पोस्ट में सभी आंकड़े गलत हैं।
2025 के लिए कोई अनुमानित कटऑफ नहीं है-UPSC कभी अनुमान नहीं देता।
ये सारे नंबर फेक न्यूज हैं जो फेक कोचिंग्स फैला रही हैं।
CSAT का क्वालिफाइंग पॉइंट 33% नहीं 66 नंबर है और ये तो तुम्हें पता है।
और ये 10 लाख उम्मीदवार का आंकड़ा? ये तो अंकुश के लिए बनाया गया है।
असली रजिस्ट्रेशन 4.2 लाख है।
और शक्ति दुबे के 1043 नंबर? ये फेक है-2024 में टॉपर का स्कोर 987 था।
आप लोग गूगल पर ट्रेंडिंग आर्टिकल्स को रियलिटी मान रहे हैं।
ये सब एक बिजनेस मॉडल है-कोचिंग, बुक्स, यूट्यूब, मेंटरशिप।
आप लोग इस फर्जी ड्रीम के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं।
अगर आपको नंबर चाहिए तो बैंकिंग की तैयारी कर लीजिए।
ये UPSC नहीं, ये एक रिलिजियस ऑर्डर है जिसमें आप अपनी आत्मा दे रहे हैं।
Mallikarjun Choukimath
जून 17, 2025 AT 04:11आह... यहाँ तो एक नया अध्याय लिखा जा रहा है-एक अध्याय जिसमें ज्ञान के बजाय गणित की जीत हो रही है
क्या वास्तविकता तो यह है कि हम एक बुद्धिमान जीव के रूप में नहीं, बल्कि एक एल्गोरिदम के रूप में जी रहे हैं?
एक ऐसा एल्गोरिदम जो नंबरों के आधार पर अपनी आत्मा का मूल्यांकन करता है
क्या आपने कभी सोचा है कि यह परीक्षा आपको नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है?
आप जिस गणित को सीख रहे हैं, वह आपके विचारों को नहीं, बल्कि आपकी अपेक्षाओं को नियंत्रित करता है
जब आप 75 नंबर के लिए तैयार होते हैं, तो आप वास्तविकता के बजाय एक सिस्टम के लिए तैयार हो रहे हैं
आपका दिमाग एक विषय के बारे में नहीं, बल्कि एक रैंक के बारे में सोचने लग जाता है
क्या आप जानते हैं कि एक विकलांग उम्मीदवार को जो 50 नंबर लाता है, वह दुनिया के सबसे बड़े ज्ञान के अधिकारी हो सकता है?
लेकिन यहाँ उसका ज्ञान एक नंबर में समाहित नहीं होता-वह एक अस्तित्व में होता है
आप जो तैयारी कर रहे हैं, वह एक नियम के अनुसार है, लेकिन वास्तविक जीवन कोई नियम नहीं मानता
हम एक दरवाजे के बाहर खड़े हैं जिसके अंदर कुछ भी नहीं है-बस एक नाम और एक टाइटल
लेकिन जो दरवाजा खुलता है, वह तो अपने आप में एक जेल है
आपको लगता है कि आप जीत रहे हैं... लेकिन आप बस एक नियम का अनुसरण कर रहे हैं
और वह नियम आपको आपके आत्मा से अलग कर रहा है
Sitara Nair
जून 19, 2025 AT 01:30ओह माय गॉड ये आर्टिकल तो मेरी जिंदगी बदल देगा 😭🙏
मैंने अभी तक CSAT के लिए भी एक भी पेपर नहीं हल किया था... अब तो ठीक से शुरू कर दूंगी 🙌
मैंने एक बार 63 मार्क्स लाए थे... और वो दिन मैं रोई थी जब देखा कि मैंने 3 नंबर कम लाए 😭
लेकिन मेरी माँ ने कहा-बेटी, तुम्हारा दिल तो बहुत बड़ा है, नंबर तो बस एक नोट है
और फिर मैंने रोज 5 मिनट बाबा बामन के गीत सुने... और देखो, मैंने अगले महीने 71 मार्क्स ले लिए 😊
ये बात बताना चाहती हूँ कि तुम अकेले नहीं हो... हम सब यहां हैं 💕
मैंने एक ग्रुप बनाया है-'UPSC साथियों का चाय का बैठक'... हर रात 9 बजे जॉइन करो, हम चाय पीते हैं, गलत सवालों को लेकर बात करते हैं, और एक-दूसरे को गले लगाते हैं 😭❤️
और हाँ... नेगेटिव मार्किंग के बारे में डरो मत... अगर तुम्हारा दिल शांत है, तो तुम्हारा दिमाग भी शांत हो जाएगा 🌿
हर एक नंबर तुम्हारी किस्मत बदल सकता है... लेकिन तुम्हारा दिल तुम्हारी असली किस्मत है 💫
मैं तुम्हें जीतने के लिए चाहती हूँ... न कि बस क्वालिफाई करने के लिए 😘
Abhishek Abhishek
जून 19, 2025 AT 22:40तुम सब ये क्यों बता रहे हो कि कटऑफ कितना है?
ये सब गलत है।
UPSC ने कभी कोई कटऑफ नहीं बताया।
ये सब फेक न्यूज है।
मैंने 2023 में प्रीलिम्स दिया था, मैंने 89 लाए थे, और मैंने अपना नाम दर्ज नहीं करवाया।
क्योंकि मैं जानता था कि ये सब झूठ है।
अगर तुम्हारा कटऑफ 90 है तो तुम फेल हो जाते हो।
अगर तुम्हारा 85 है तो तुम क्वालिफाई हो जाते हो।
अगर तुम्हारा 75 है तो तुम टॉपर हो जाते हो।
अगर तुम्हारा 50 है तो तुम बैंकर बन जाते हो।
ये सब बहुत बड़ा फ्राड है।
UPSC का नियम है-जो भी आएगा, उसे चुन लिया जाएगा।
कोई कटऑफ नहीं होता।
तुम सब लोग अपने डर को एक नंबर में बदल रहे हो।
और इसीलिए तुम नहीं जीत पाते।
Avinash Shukla
जून 21, 2025 AT 16:20मैंने इस पोस्ट को पढ़कर बहुत शांति महसूस की 🌿
हर साल जब मैं इस परीक्षा की तैयारी करता हूँ, तो लगता है जैसे मैं एक जंगल में अकेला भटक रहा हूँ
लेकिन जब मैं इस तरह के आंकड़े देखता हूँ, तो लगता है कि मैं अकेला नहीं हूँ
हर एक नंबर एक इंसान की कहानी है
हर एक जनरल, हर एक EWS, हर एक SC, ST, PwBD-हर एक के पीछे एक सपना है
मैंने एक बार एक लड़की को देखा था जो रेलवे स्टेशन पर बैठकर दिनभर पढ़ती थी-उसके पास बिजली नहीं थी, लेकिन उसके दिमाग में एक आग थी
मैं नहीं जानता कि वो आज कहाँ है... लेकिन मैं उसके लिए उम्मीद रखता हूँ
CSAT को हल्के में मत लेना-मैंने एक बार उसे नहीं पास किया और उस दिन मैंने अपनी बहन को फोन किया... उसने कहा-'भाई, तुम बस एक पेपर नहीं लापता कर रहे, तुम अपनी इच्छा को छोड़ रहे हो'
मैंने अगले दिन से रोज एक रिडिंग कॉम्प्रिहेंशन प्रैक्टिस की
और अब मैं बस एक दिन के लिए तैयार हूँ-न कि एक नंबर के लिए
तुम सब जो यहाँ हो, तुम अकेले नहीं हो... हम सब एक ही यात्रा पर हैं 🙏
Harsh Bhatt
जून 22, 2025 AT 16:24तुम लोग ये सब बहुत आसानी से ले रहे हो
90 नंबर? 85? 75? ये तो बच्चों की बात है
मैंने 2018 में इस परीक्षा को देखा था-उस समय कटऑफ 82 था और 12 लाख आवेदन थे
अब तुम लोग ये कह रहे हो कि 90 लाना है? तुम तो बस एक गूगल सर्च करके बैठे हो
मैंने एक बार एक बच्चे को देखा था जिसने 97 नंबर लाए थे और फिर भी रिजेक्ट हो गया क्योंकि उसके रिज्यूमे में एक गलती थी
तुम सब ये सोचते हो कि नंबर ही सब कुछ है
लेकिन ये तो एक शिकार का खेल है
जिसके पीछे एक बड़ी मशीन है-जो तुम्हें बाहर निकाल देगी अगर तुम थोड़ा भी गलत बात कह दो
तुम्हारी बोली, तुम्हारा लहजा, तुम्हारा नाम, तुम्हारा घर-सब कुछ गिना जाता है
और फिर तुम ये कहते हो कि 'मैंने 90 लाए, मैं क्वालिफाई हो गया'
तुम एक गोल्डन फेंस के अंदर खड़े हो जाते हो... लेकिन वो फेंस तुम्हारे लिए नहीं, बल्कि उनके लिए है जो तुम्हें छोड़ना चाहते हैं
तुम नंबर नहीं, तुम्हारी आत्मा को बेच रहे हो
और जब तुम बाहर निकलोगे, तो तुम्हें पता चलेगा कि तुमने क्या खो दिया
dinesh singare
जून 24, 2025 AT 06:25अरे भाई ये सब जो बताया गया है वो बिल्कुल गलत है
मैंने 2024 में दिया था, मैंने 102 नंबर लाए थे, और मैंने अपना नाम नहीं डाला
क्योंकि मैं जानता हूँ कि ये नंबर बिल्कुल भी मायने नहीं रखते
UPSC ने कभी कटऑफ नहीं बताया-ये सब फेक है
मैंने एक दिन एक अधिकारी से बात की थी-उसने कहा, 'हम जिसे चाहते हैं, उसे चुन लेते हैं'
तुम जो नंबर देख रहे हो, वो बस एक बैकग्राउंड चेक है
अगर तुम्हारा नाम अजय शर्मा है और तुम उत्तर प्रदेश से हो, तो तुम्हारा नंबर 70 होगा
अगर तुम्हारा नाम अर्जुन राठौर है और तुम राजस्थान से हो, तो तुम्हारा नंबर 85 होगा
ये सब एक गेम है-और तुम बस उसके नियमों को नहीं, बल्कि उसके राजनीति को समझ रहे हो
मैंने देखा है एक लड़की जिसने 89 लाए थे, लेकिन उसका नाम राजेश्वरी था, और वो फेल हो गई
और एक लड़के ने 72 लाए थे, उसका नाम अमित शर्मा था, और वो आईएएस बन गया
तुम नंबर नहीं, तुम्हारी आवाज को समझो
और अगर तुम्हारी आवाज उसी लहजे में है जिसमें वो लोग बोलते हैं... तो तुम जीत जाओगे
ये नंबर नहीं, ये लहजा है जो तुम्हें चुनता है